मुंगेली/प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में मुंगेली जिले के पथरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बावली के प्राथमिक शाला से 10 पेटी मध्यप्रदेश की गोवा शराब और 30 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट बरामद होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पथरिया की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के कांग्रेसजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में चर्चा के बाद कांग्रेस ने अवैध शराब के खिलाफ क्रमबद्ध आंदोलन छेड़ने का फैसला लिया है।
जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली के अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने इस घटना को प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी करार देते हुए कहा कि साय सरकार के सत्ता में आने के बाद से छत्तीसगढ़ अवैध शराब का गढ़ बन गया है। वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शराब की काली कमाई में लिप्त है और शराब माफियाओं को खुला संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय को ज्ञान का मंदिर माना जाता है,उसे अवैध शराब का डंप यार्ड बना दिया गया है। मध्यप्रदेश की शराब का इतनी बड़ी मात्रा में मिलना यह साबित करता है कि मुंगेली जिले को अब शराब तस्करी का केंद्र बना दिया गया है।
बिल्हा विधानसभा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक ने कहा कि भाजपा सरकार की शराबबंदी की बात महज राजनीतिक छलावा है। उन्होंने कहा कि सरकार शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रही है और नए शराब दुकानों की संख्या में लगातार वृद्धि कर रही है। भाजपा नेताओं का उद्देश्य केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार है, जिसके लिए प्रदेश की जनता को नशे के दलदल में धकेला जा रहा है।
बिलासपुर कृषि उपज मंडी के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री से क्षेत्र में हत्या, लूट और असामाजिक घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में शराब का मिलना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। यह घटना साबित करती है कि शराब माफिया भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग के उपाध्यक्ष दिलीप कौशिक ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री जारी है और स्थानीय प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है क्योंकि शराब माफियाओं को भाजपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। कमलेश साहू ने बताया कि ग्राम बावली वर्षों से नकली शराब निर्माण और बिक्री का अड्डा बना हुआ है,लेकिन सत्ता के संरक्षण के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है,जिसमें संयोजक दिलीप कौशिक के साथ उर्मिला यादव,विद्यानंद चंद्राकर,राजा सिंह ठाकुर और आशुतोष पांडेय को शामिल किया गया है। समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इस बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे,जिनमें घनश्याम वर्मा,सियाराम कौशिक,राजेंद्र शुक्ला,दिलीप कौशिक,राजा सिंह ठाकुर,विद्यानंद चंद्राकर,उर्मिला यादव,आशुतोष पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में विभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने दो बार दबिश देकर कार्रवाई की है। पहली बार 10 पेटी मध्यप्रदेश की गोवा शराब और 30 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट बरामद की गई थी, जबकि दूसरी बार दबिश में हाइड्रोमीटर,नकली होलोग्राम,कांच की बोतलें और नकली शराब बनाने की सामग्रियां जब्त की गई हैं। इससे साफ है कि बड़े पैमाने पर नकली शराब उत्पादन की तैयारी चल रही थी।
यह मामला न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है बल्कि शासन की पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अवैध शराब का यह कारोबार समाज के लिए खतरा बनता जा रहा है, जिससे युवा वर्ग और गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।



