मुंगेली/जिले के सिपाही–सेतगंगा मार्ग पर प्रस्तावित देशी कंपोजिट शराब दुकान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों, महिलाओं और स्कूली छात्रों ने दुकान खोलने के विरोध में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है। जनविरोध को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने तत्काल प्रभाव से आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच दल का गठन किया है,जो स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।

कलेक्टर द्वारा बनाई गई जांच टीम में एसडीएम मुंगेली अजय शतरंज,उप पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल,जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर साय,तहसीलदार कुणाल पाण्डेय,सहायक जिला आबकारी अधिकारी रवीन्द्र पाण्डेय,थाना प्रभारी फास्टरपुर–सेतगंगा गिरिजा शंकर यादव,नायब तहसीलदार हरीश यादव तथा आबकारी उप निरीक्षक जयसिंह मरकाम शामिल हैं।
मौके पर पहुंची टीम ने किया निरीक्षण
कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने ग्राम पंचायत बोदा क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित देशी कंपोजिट शराब दुकान स्थल का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम ने निर्माणाधीन भवन,निविदा प्रक्रिया और ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं की विस्तृत जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने राजस्व संबंधी तथ्यों के साथ-साथ स्थानीय परिस्थितियों का भी प्रत्यक्ष आकलन किया।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि जहां एक ओर ग्रामीण उस दुकान का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आबकारी कार्यालय को क्षेत्र से दुकान खोलने के लिए समर्थन पत्र भी प्राप्त हुए हैं। ऐसे में प्रशासन दोनों पक्षों के तर्कों पर विचार कर संतुलित निर्णय लेने की प्रक्रिया में है।
ग्रामीणों का जोरदार विरोध—स्कूली छात्र भी शामिल
प्रस्तावित दुकान के खिलाफ सिपाही गांव के ग्रामीणों,महिलाओं और स्कूली छात्रों ने संयुक्त रूप से आवाज उठाई है। कलेक्ट्रेट जनदर्शन में भारी संख्या में उपस्थित होकर उन्होंने दुकान का विरोध किया था। इतना ही नहीं,18 नवंबर को चातरखार से कलेक्ट्रेट तक एक विरोध रैली भी निकाली गई,जिसमें छात्रों ने “शराब नहीं,शिक्षा दो”जैसे नारे लगाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय, धार्मिक स्थल एवं आवासीय क्षेत्र के निकट शराब दुकान खोले जाने से सामाजिक माहौल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। दूसरी ओर कुछ लोग दुकान खोले जाने से रोजगार और राजस्व में बढ़ोतरी के पक्ष में भी दिखाई दे रहे हैं।
आगे की कार्रवाई रिपोर्ट पर निर्भर
जांच दल द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रशासन अंतिम निर्णय करेगा। फिलहाल जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का निर्णय जनभावनाओं और कानूनन प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।



