मुंगेली/जिले के ग्राम सिपाही–सेतगंगा मार्ग पर प्रस्तावित सरकारी शराब दुकान खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम सिपाही कल्याण युवा मोर्चा के नेतृत्व में बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने जिला कलेक्टर,आबकारी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर दुकान खोलने के निर्णय को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीणों ने नारे लगाकर विरोध जताया और कहा कि यदि यह दुकान खुलती है तो इससे ग्राम की सामाजिक व्यवस्था,महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे शांतिपूर्ण जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि सिपाही से सेतगंगा मार्ग एक मुख्य सड़क है, जिससे रोजाना करीब 200 से 250 बच्चे,महिलाएं और ग्रामीण बाजार, स्कूल व बैंकों के कार्य के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में मार्ग के किनारे शराब दुकान खुलने से असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र का वातावरण दूषित होगा।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रस्ताव का विरोध पहले भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा किया गया था,लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
1. ग्राम सिपाही–सेतगंगा मार्ग पर प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल निरस्त किया जाए।
2. सामाजिक भावना और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान का स्थान किसी निजी या आबादी रहित क्षेत्र में निर्धारित किया जाए।
3. इस विषय पर उच्चस्तरीय जांच कर आबकारी विभाग को बिना ग्रामसभा की अनुमति के दुकान न खोलने के निर्देश दिए जाएं।
ज्ञापन पर ग्राम पंचायत सिपाही के निवासियों,महिलाओं,स्कूली बच्चों और कल्याण युवा मोर्चा के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर किए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रस्ताव को तुरंत रद्द करें ताकि ग्राम में शांति,सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बना रहे।






