मुंगेली/छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने पार कर चुकी है और आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर अडिग कर्मचारी अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। इसी कड़ी में आज रायपुर के तुता में आयोजित राज्य स्तरीय “जेल भरो आंदोलन” में मुंगेली जिले के एनएचएम कर्मियों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक उनकी ग्रेड पे,नियमितीकरण,वेतनमान और सेवा सुरक्षा जैसी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से केवल मौखिक आश्वासन ही दिया गया है, लेकिन अब वे लिखित आदेश के बिना पीछे हटने वाले नहीं हैं।

कर्मचारी संगठन ने स्वास्थ्य सचिव द्वारा हाल ही में जारी उस कथित आदेश का कड़ा विरोध किया जिसमें हड़ताल पर न लौटने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त करने और तत्काल नई भर्ती करने की बात कही गई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आदेश पूरी तरह दमनकारी है और इससे कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
आज के आंदोलन में मुंगेली जिले से अमित दुबे,पवन निर्मलकर,जितेंद्र गौचंद,हेमंत मिश्रा,रितेश मिश्रा,डॉ. शशांक उपाध्याय,डॉ. रुपेश जायसवाल,रुखमनी,संगीता,दिव्या,खुशबू,केनेडी पौलुस,सुमेध कूजूर,जोहान सप्रे,प्रणय,कमलेश मनहर,वीरेंद्र बंजारे,उमेश्वरी नेताम,गोविंद,विनोद देवांगन,सुनीता सिंह,देवी समेत जिले के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए साफ कहा कि अब आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक 10 सूत्रीय मांगों पर लिखित सहमति नहीं मिलती,तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
हड़ताल की वजह से जिले सहित पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। मरीजों को उपचार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है,वहीं कर्मचारियों का कहना है कि दोषी सरकार की हठधर्मिता है,जो लंबे समय से संविदा कर्मचारियों की जायज मांगों पर ठोस निर्णय लेने में नाकाम रही है।



