मुंगेली/सत्र न्यायाधीश मुंगेली के न्यायालय में आज एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए अपराध क्रमांक 91/2025 के आरोपी योगेन्द्र शर्मा उर्फ लाल महाराज उर्फ भर्रा (47 वर्ष) की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। यह मामला छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिबंध अधिनियम 2022 की धारा 6 के अंतर्गत दर्ज अपराध से संबंधित है।
थाना फास्टरपुर-सेतगंगा पुलिस ने 04 नवंबर 2025 को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम बड़े जल्ली महामाया चौक के पास से आरोपी गोविंद सोनवानी को सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ा था। उसके कब्जे से—
सट्टा-पट्टी की पर्चियां,मोबाइल फोन,नकद 920 रुपये,पेन
इत्यादि सामान जब्त किया गया।
पूछताछ में गोविंद सोनवानी ने बताया कि वर्ष 2021 से वह योगेन्द्र शर्मा के लिए सट्टा-पट्टी लिखता था और मोबाइल के माध्यम से परिणाम एवं राशि भेजता था। पुलिस ने इसी बयान के आधार पर योगेन्द्र शर्मा को सह आरोपी माना।
बैंक लेनदेन से बढ़ी मुश्किलें
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के बैंक खातों का स्टेटमेंट मंगवाया। इसमें पाया गया कि—
आरोपी गोविंद सोनवानी द्वारा योगेन्द्र शर्मा के SBI व ICICI खातों में लगभग 3,20,790 रुपये का लेनदेन हुआ है।
न्यायालय ने इस वित्तीय लेनदेन को प्रथमदृष्टया महत्वपूर्ण सबूत माना।
याचिकाकर्ता का पक्ष
आवेदक की ओर से कहा गया कि—
उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है।
प्रथम सूचना रिपोर्ट में किसी भी प्रकार का मोबाइल साक्ष्य दर्ज नहीं है।
वह गल्ले का व्यापारी है और उसके परिवार में उपसरपंच जैसे पद पर सदस्य हैं।
गिरफ्तारी से सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचेगी।
इस आधार पर अग्रिम जमानत की मांग की गई।
राज्य का पक्ष
लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने जमानत का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि—
आरोपी पर पहले से कई मामले पंजीबद्ध हैं,
उसकी अपराधिक प्रवृत्ति स्पष्ट है,
और उसे अग्रिम जमानत देने से विवेचना प्रभावित हो सकती है।
अदालत ने केस डायरी में दर्ज पुराने मामलों का उल्लेख भी किया, जिनमें जुआ अधिनियम,भादवि और शांतिभंग से जुड़े कई अपराध शामिल हैं।अपराधी का कृत्य नवयुवक लोगों को अपने चंगुल में फंसा रही है तथा सामाजिक अपराध को बढ़ाने वाला प्रतीत होता है
न्यायालय का निर्णय
सत्र न्यायाधीश श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी ने निर्णय सुनाते हुए कहा कि—
बैंक लेनदेन और केस डायरी में उपलब्ध दस्तावेजों से
आरोपी की संलिप्तता प्रथमदृष्टया सिद्ध होती है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी ध्यान में लिया गया।
इन तथ्यों के आधार पर अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया।
इस आदेश के बाद अब पुलिस को योगेन्द्र शर्मा की गिरफ्तारी के लिए कानूनी रूप से खुली छूट मिल गई है। मामला अभी भी विवेचना में है,और आने वाले दिनों में आगे की कानूनी कार्रवाई देखने योग्य होगी।
एसपी ने गिरफ्तारी पर किया है इनाम की घोषणा
ज्ञात हो कि इस मामले में फरार आरोपी योगेन्द्र शर्मा उर्फ लाला महराज के गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 1 हजार रुपए की इनाम की घोषणा की है
एसपी ने लोक अभियोजक को दी बधाई
इस मामले में आज लगी जमानत याचिका पर सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई जहां लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर ने शासन की ओर शानदार पैरवी करते हुए आरोपी के जमानत का विरोध किया जिसके बाद न्यायालय के द्वारा आरोपी की अग्रिम जमानत के याचिका को खारिज कर दिया गया,लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर के द्वारा की गई पैरवी से प्रसन्न होकर जिले के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर को बधाई दिया



