मुंगेली/जिले के गांवों में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पानी टंकियां आज भी महज शोपीस बनकर रह गई हैं। आने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए जब पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी समय कई गांवों में बनी पानी टंकियां अब तक चालू नहीं की गई हैं। इस गंभीर और जनहित से जुड़ी समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ शिव सेना ने मंगलवार 16 दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन, मुंगेली में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिव सेना जिला प्रभारी रमेश सिंह राजपूत ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के माध्यम से गांव-गांव में पानी टंकियों का निर्माण कराया गया, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिल सके। लेकिन विभागीय लापरवाही और उदासीनता के कारण कई स्थानों पर निर्माण पूर्ण होने के बावजूद टंकियां चालू नहीं की गई हैं। वहीं अनेक गांवों में पाइपलाइन बिछाने, मोटर कनेक्शन और अन्य आवश्यक कार्य अधूरे पड़े हुए हैं।
ग्रामीणों की स्थिति यह है कि जहां एक ओर करोड़ों की योजनाएं कागजों में पूरी दिखाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता पानी के लिए हैंडपंप, कुएं और निजी साधनों पर निर्भर रहने को मजबूर है। कई गांवों में महिलाएं और बच्चे दूर-दराज से पानी लाने को विवश हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि समय रहते इन टंकियों को चालू नहीं किया गया, तो गर्मी के दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है और गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है।
शिव सेना ने कलेक्टर से मांग की है कि जिन गांवों में पानी टंकियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें तत्काल चालू करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही जिन स्थानों पर पाइपलाइन अथवा अन्य कार्य अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूरा कराकर नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता मुंगेली, अनुविभागीय अधिकारी पीएचई मुंगेली, कार्यपालन अभियंता लोरमी एवं कार्यपालन अभियंता पथरिया को भी प्रेषित की गई है।
कलेक्टर जनदर्शन में यह मुद्दा उठने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर समय रहते संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कब तक नींद से जागता है और कब वास्तव में गांवों तक पानी पहुंच पाता है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा जनआंदोलन का रूप ले सकता है।




