मुंगेली/अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 1 जनवरी से नगर के स्थानीय स्वर्ण जयंती स्तंभ,पुराना बस स्टैंड में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे गौ सेवकों का आंदोलन दूसरे दिन देर रात समाप्त हो गया। आंदोलन के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई जब भूख हड़ताल पर बैठे एक गौ सेवक शिवम यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
गौ सेवक शिवम यादव की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। तत्पश्चात प्रशासनिक अधिकारियों एवं डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और गौ सेवकों से चर्चा की। प्राथमिक उपचार के बाद शिवम यादव को तत्काल बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने गौ सेवकों की तीनों मांगों को गंभीरता से सुना और उन पर विचार-विमर्श करते हुए लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद देर रात गौ सेवकों ने अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन वापस ले लिया।
गौ सेवकों का अनशन जूस पिलाकर विधिवत रूप से तुड़वाया गया। इस आंदोलन में मनीष वैष्णव,अजय सिंह राजपूत,करन निर्मलकर,राकेश साहू,इंद्रजीत कुर्रे,अभय ठाकुर,पीयूष साहू एवं डेरहू साहू सहित अन्य गौ सेवक अनशन पर बैठे थे जिन्होंने प्रशासनिक सहमति के बाद आंदोलन समाप्त किया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला,गौ सेवक आदेश सोनी,राम सिंह और करन गोयल का विशेष सहयोग रहा, इस दौरान श्री राजपूत करणी सेना के नगर प्रभारी रविराज सिंह एवं अमन तिवारी सहित भारी संख्या में अन्य लोग भी उपस्थित रहे। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों में मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज,उप पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल,तहसीलदार कुणाल पाण्डेय,पशु चिकित्सालय से डॉ. शत्रुघ्न सिंह सहित अन्य अधिकारी,कर्मचारी एवं पुलिस जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद गौ सेवकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर शीघ्र ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आंदोलन समाप्त होने से नगर में राहत का माहौल है।
गौ सेवकों की भूख हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन,घनश्याम वर्मा बोले:गौ माता की दुर्दशा सरकार की दोहरी नीति का परिणाम
अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे गौ सेवकों को जिला कांग्रेस कमेटी ने अपना समर्थन दिया। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता धरना स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनरत गौ सेवकों का कुशलक्षेम जाना और उनकी मांगों को जायज बताते हुए समर्थन किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा कि हम सभी गाय को माता कहते हैं लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि आज उसी गौ माता की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। प्रदेश सरकार विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन गौ माता के संरक्षण और देखभाल के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं है। यह सरकार की दोहरी नीति को दर्शाता है जो निंदनीय है।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी संजीत बनर्जी ने कहा कि हम भारत देश के निवासी हैं और अपनी धरती को माता,देश को माता और पवित्र नदियों को माता कहते हैं। उसी तरह गाय भी हमारी माता है,जिनकी हम पूजा और सेवा करते हैं। लेकिन आज शासन-प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण गौ माता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि गौ सेवा को अपना धर्म मानने वाले नवयुवकों को अपनी गौ माता के हक,अधिकार और मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यह सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है।
इस दौरान धरना स्थल पर घनश्याम वर्मा (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी),थानेश्वर साहू (पूर्व अध्यक्ष,राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग),संजीत बनर्जी (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी), रोहित शुक्ला (अध्यक्ष,नगर पालिका परिषद),अरविंद वैष्णव (वरिष्ठ पार्षद),संजय जायसवाल (पूर्व पार्षद),सागर सोलंकी,आनंद सोनी (अध्यक्ष,असंगठित कामगार कांग्रेस),देवेंद्र वैष्णव,कुलदीप पाटले (पार्षद),अजय साहू (पार्षद),जय सोनी,संजय सिंह ठाकुर (पूर्व पार्षद) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




