मुंगेली/छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा “हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी” की 350वीं शहीदी शताब्दी के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय जिला अंतरविद्यालयीन निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले में यह प्रतियोगिता 23 नवंबर 2025,रविवार को बी. आर. साव उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,मुंगेली में दोपहर 12 से 1 बजे तक संपन्न होगी।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गुरु तेग बहादुर जी के प्रेरणादायक जीवन,उनके अद्वितीय त्याग, बलिदान और मानवता के उच्च आदर्शों से अवगत कराना है। “हिंद की चादर” के नाम से विख्यात गुरु तेग बहादुर जी सिखों के नवें गुरु थे, जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर विश्व इतिहास में अमर स्थान प्राप्त किया। कश्मीरी पंडितों की रक्षा हेतु उन्होंने मुगल अत्याचारों के विरुद्ध डटकर खड़े होते हुए दिल्ली के चांदनी चौक में अपना शीश अर्पित कर अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके तीन प्रमुख शिष्य,भाई मति दास,भाई सती दास और भाई दयाला जी—ने भी सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हुए भीषण यातनाएँ सहकर वीरगति प्राप्त की।
प्रतियोगिता प्रदेश के सभी 33 जिलों में आयोजित की जा रही है,जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। निबंध का विषय “हिंद की चादर:श्री गुरु तेग बहादुर” निर्धारित किया गया है, जिसके लिए प्रतिभागियों को 350 से 500 शब्दों में निबंध लिखना अनिवार्य होगा। राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा जिला स्तर पर आकर्षक पुरस्कार घोषित किए गए हैं—
प्रथम पुरस्कार : 5100 रुपये
द्वितीय पुरस्कार : 3100 रुपये
तृतीय पुरस्कार : 2100 रुपये
साथ ही सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि विजेताओं को मेडल भी प्रदान किए जाएँगे।
प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों को गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शहादत पर आधारित प्रेरणादायी पुस्तक निःशुल्क प्रदान की जा रही है, ताकि वे उनके जीवन मूल्यों को समझकर निबंध लेखन में सहभागिता कर सकें।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान संपूर्ण मानवता के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा,“गुरु जी ने अपने अद्वितीय बलिदान से यह संदेश दिया कि सत्य,धर्म और न्याय की रक्षा हेतु जीवन न्योछावर कर देना भी गौरव की बात है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।”
मुंगेली जिले में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में 16 स्कूलों के लगभग 500 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता की सुचारू तैयारी के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है जिसमें राजकुमार वाधवा,स.अमरीक सिंह सलूजा और स.सतपाल सिंह मक्कड़ शामिल हैं। यह टीम विभिन्न स्कूलों से संपर्क कर प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप प्रदान कर रही है।
सम्पूर्ण आयोजन नई पीढ़ी में धार्मिक सहिष्णुता,सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






