मुंगेली/मुंगेली सहित प्रदेश के सरकारी वकीलों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब चार साल बाद राज्य सरकार ने सरकारी वकीलों की फीस में बड़ा इजाफा करने का फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार अब सरकारी वकीलों को मिलने वाली अधिकतम मासिक फीस 36 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही रिटेनर फीस और प्रति घंटे मिलने वाली फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 300 सरकारी वकीलों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से सरकारी वकील फीस बढ़ाने की मांग कर रहे थे,जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
मासिक फीस में बड़ा इजाफा
अब तक सरकारी वकीलों को एक महीने में अधिकतम 36 हजार रुपये तक ही भुगतान किया जाता था। नए फैसले के बाद इसे बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा रिटेनर फीस,जो पहले 6500 रुपये प्रतिमाह थी,उसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
प्रति घंटे की फीस भी हुई दोगुनी
जिला न्यायालय में काम करने वाले सरकारी वकीलों की प्रति घंटे मिलने वाली फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले एक घंटे की सुनवाई के लिए 800 रुपये मिलते थे,जिसे अब बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। वहीं दो घंटे की सुनवाई के लिए पहले 1600 रुपये मिलते थे,जो अब बढ़कर 2500 रुपये हो गए हैं।
आपराधिक मामलों में भी बढ़ी फीस
आपराधिक मामलों में पैरवी करने वाले पैनल वकीलों की फीस में भी वृद्धि की गई है। पहले एक घंटे से कम की सुनवाई के लिए 650 रुपये दिए जाते थे,जिसे बढ़ाकर 1300 रुपये कर दिया गया है। एक घंटे से अधिक की सुनवाई पर पहले 1300 रुपये मिलते थे,जो अब बढ़कर 2500 रुपये हो गए हैं।
इसी तरह एक तारीख की सुनवाई के लिए मिलने वाली 1300 रुपये की फीस को बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। अंतिम निर्णय के लिए मिलने वाली 6500 रुपये की फीस अब बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि सरकारी वकील लंबे समय से फीस बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इस मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा गया था,जिसे मंजूरी मिल गई है।
प्रस्ताव के पास होने पर शासकीय अधिवक्ताओं ने जताया आभार
वही इस प्रस्ताव के पास होने पर शासकीय अधिवक्ता एवं जिला लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर एवं प्रकाश गंधर्व और मोतीलाल साहू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया है साथ ही उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर समय समय में प्रदेश के शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा शासन से चर्चा करते आ रहे थे और शासन को इस प्रस्ताव को पास करने अपील की गई थी जिसके परिणाम स्वरूप ये बड़ा फैसला शासकीय अधिवक्ताओं के लिए हुआ है जिसके लिए शासन का पुनः आभार
सरकार के इस फैसले से सरकारी वकीलों को आर्थिक राहत मिलेगी और न्यायालय में मामलों की पैरवी और अधिक मजबूती से हो सकेगी।



