मुंगेली// त्योहारों की रौनक के बीच मुंगेली शहर की सड़कें अतिक्रमण के बोझ तले कराह रही हैं। शहर के मुख्य मार्ग और व्यस्त चौराहों पर दिन-प्रतिदिन बढ़ते ठेले,बाइक खड़े रहने और मोबाइल सब्जी दुकानों ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर पालिका की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण के कारण मुख्य सड़कों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर बुजुर्ग,बच्चे और स्कूली छात्र-छात्राओं को रोजाना सड़क पार करने और यातायात में आवाजाही करने में कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। बिना अनुमति के सड़कों पर पसरे ठेले व दुकानें न केवल पैदल यात्रियों के लिए बाधा बन रही हैं,बल्कि वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ा रही हैं।
स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों से समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी अपील अनसुनी रह गई है। अधिकारियों के सुस्त रवैये और नेताओं की चुप्पी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।

नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला की अपील
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने इस मामले पर जनता से अपील की है कि वे भी यातायात नियमों का पालन करें और अवैध अतिक्रमण से बचें। उन्होंने बताया कि पालिका प्रशासन ने पहले ही ठेला संचालकों और दुकानदारों को नोटिस जारी किया है। यदि नोटिस के बावजूद कोई सड़क पर अतिक्रमण करता पाया गया तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।श्री शुक्ला ने आगे कहा कि यह कदम नगर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
स्थायी समाधान का अभाव
हालांकि प्रशासन की अपील और नोटिस अभी तक कारगर साबित नहीं हुए हैं। सड़क किनारे के ठेले और दुकानें अपनी जगहों से हटने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते शहर में जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रहती है। अव्यवस्थित ट्रैफिक और अतिक्रमण न केवल नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित कर रहा है,बल्कि शहर के विकास कार्यों को भी अधर में डाल रहा है।
इस स्थिति ने नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना उनका दायित्व है,लेकिन लापरवाही के कारण नागरिकों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
मुंगेली के नागरिकों की अब यही उम्मीद है कि नगर पालिका प्रशासन जल्द ठोस और कारगर कदम उठाए, जिससे त्योहारों में भी शहरवासियों को यातायात जाम और अव्यवस्था से निजात मिल सके तथा शहर की खूबसूरती बनी रहे।



