मुंगेली/शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला दशरंगपुर में विगत दिनों गौ विज्ञान परीक्षा 2025 का आयोजन अत्यंत शांतिपूर्ण,अनुशासित और सकारात्मक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस परीक्षा में विद्यालय के कुल 55 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए गौ सेवा, गौ संरक्षण और गौ विज्ञान के प्रति अपनी गहरी रुचि का परिचय दिया।
यह परीक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रही बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को गौ आधारित जीवनशैली और कृषि के वैज्ञानिक व व्यावहारिक महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण सामाजिक और पर्यावरणीय संकल्प भी दिलाए गए।
प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में गौ आधारित कृषि से उत्पादित जैविक अनाज और सब्जियों के उपयोग को प्राथमिकता देंगे। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रात्रि के समय सड़कों पर कोई भी गौवंश लावारिस न रहे इसके लिए वे कृषि और समाज के स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

विद्यार्थियों ने अपने-अपने घरों में कम से कम एक गौ उत्पाद का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का संकल्प लिया। इसके अंतर्गत केवल देशी गाय के दूध,दही और घी के सेवन को अपनाने का निर्णय लिया गया जिससे स्वास्थ्य के साथ-साथ भारतीय परंपरा भी सुरक्षित रह सके। इसके अलावा,घर या गौशाला में उत्तम विधि से गौ पालन,गोबर से जैविक खाद निर्माण कर भूमि की उर्वरता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में “श्री सुरभि नमः” का 108 बार जाप कर हवन किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार बंजारे एवं गौ विज्ञान परीक्षा की नोडल सहायक श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को गौ संस्कृति के वैज्ञानिक महत्व से जोड़ना है ताकि पर्यावरण संरक्षण,प्राकृतिक संतुलन और मानव स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
परीक्षा के सफल संचालन में कुमारी मानसी चंद्रवंशी और नोहर चरण साहू ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया।
गौ विज्ञान परीक्षा जैसे आयोजन निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ,संस्कारित और प्रकृति-समर्पित जीवनशैली की ओर प्रेरित करेंगे।



