मुंगेली/एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से जारी बेमियादी हड़ताल मंगलवार को 23वें दिन भी पूरे जोश और आक्रोश के साथ जारी रही। आगर खेल परिसर से रैली निकालते हुए कर्मचारियों ने नगर के पुलपारा के पुलघाट स्थित आगर नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया और जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों का कहना है कि अब वे सरकार से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस फैसले चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे विधानसभा का घेराव करने के साथ ही मंत्रियों और विधायकों के घरों के बाहर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
कल होगा भाजपा दफ्तर का घेराव
बुधवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी “आपने बनाया है तो संवारोगे कब” थीम पर सवाल रैली निकालते हुए जिला भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे। संघ पदाधिकारियों ने साफ कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी 10 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
मोदी की गारंटी पर सवाल
जिलाध्यक्ष पवन निर्मलकर ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने “मोदी की गारंटी” के तहत 100 दिनों में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन 20 महीनों में 160 से अधिक ज्ञापन सौंपने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार कमेटी बनाकर सिर्फ खेल खेल रही है, जबकि अभी तक लिखित आदेश तक जारी नहीं किए गए।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगें
- नियमितीकरण – संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को स्थायी किया जाए।
- समान काम समान वेतन – नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान दिया जाए।
- सेवा सुरक्षा – मनमाने तरीके से संविदा समाप्त करने की प्रथा खत्म हो।
- पदोन्नति का लाभ – लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिले।
- भत्तों में वृद्धि – महंगाई भत्ता, जोखिम भत्ता एवं अन्य भत्ते प्रदान किए जाएं।
- भर्ती प्रक्रिया में वरीयता – भविष्य की भर्तियों में संविदा कर्मचारियों को प्राथमिकता मिले।
- सेवानिवृत्ति लाभ – पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं दी जाएं।
- स्थानांतरण नीति – स्पष्ट और पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लागू की जाए।
- बीमा सुविधा – स्वास्थ्य व जीवन बीमा की सुविधा सुनिश्चित हो।
- कार्य परिस्थितियों में सुधार – सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
एनएचएम संघ के पदाधिकारियों डॉ. शशांक,डॉ. वाद्यकार,डॉ. पाण्डेय और डॉ. भास्कर ने बताया कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और गुस्सा चरम पर पहुंच चुका है। सरकार यदि अब भी नहीं चेती तो आंदोलन और भी उग्र होगा।
इस जल सत्याग्रह में बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं,वे आंदोलन स्थल से पीछे नहीं हटेंगे।



