मुंगेली/जिला बने 12 साल से अधिक का लंबा वक्त गुजर चुका है,लेकिन हालात अब भी जस के तस हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं, मगर विभाग की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही। नगर में हजारों की संख्या में उपभोक्ता बिजली का उपयोग करते हैं,लेकिन बिजली गुल होने पर उनकी सबसे बड़ी परेशानी है –फ्यूज कॉल सेंटर का फोन ही नहीं लगना।

फोन उठाने से बचते हैं अधिकारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही बिजली गुल होती है,वे विभाग द्वारा जारी फ्यूज कॉल सेंटर के नंबर पर बार-बार फोन लगाते हैं। लेकिन या तो फोन लगता ही नहीं,या फिर लगातार “बिजी” बताता रहता है। ऐसे में उपभोक्ता मजबूरन सीधे बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन करते हैं। मगर हैरानी की बात यह है कि अधिकारी फोन उठाने की जहमत तक नहीं उठाते।
जनता में गुस्सा,जिम्मेदारों पर सवाल
नगरवासियों का कहना है कि जिला बने 12 साल से अधिक हो गए,लेकिन बिजली विभाग की कार्यप्रणाली अब भी पुरानी ही है। सुविधाएँ बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने की बातें केवल कागजों तक सीमित हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में आए दिन घंटों बिजली गुल रहने की समस्या और अधिक विकराल हो जाती है।
लोगों का कहना है कि जब कॉल सेंटर पर ही फोन नहीं लगता और अधिकारी भी मोबाइल नहीं उठाते,तो उपभोक्ता आखिर शिकायत कहाँ करें? ऐसे हालात में शहरवासियों को लगने लगा है कि यहाँ सचमुच “अंधेर नगरी,चौपट राजा” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
सुधार की माँग
स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों ने मांग की है कि बिजली विभाग फ्यूज कॉल सेंटर की व्यवस्था दुरुस्त करे।एक से अधिक मोबाइल नंबर जारी करें तथा पर्याप्त स्टाफ तैनात किया जाए ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके। साथ ही अधिकारियों को भी यह सख्त हिदायत दी जाए कि वे उपभोक्ताओं के कॉल रिसीव करें और बिजली की समस्याओं का समय पर निवारण करें।



