मुंगेली/श्री रामदेव सेवा समिति मुंगेली के तत्वावधान में इस वर्ष भादो मेला 2025 का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। समिति ने निर्णय लिया है कि यह आयोजन 24 अगस्त से 2 सितंबर तक दस दिनों तक चलेगा। भव्य आयोजन का केंद्र स्थल श्री रामदेव बाबा मंदिर,साईं मंदिर परिसर रहेगा, जहां बाबा रामदेव का जन्मोत्सव महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
24 अगस्त से होगी शुरुआत
मेला 24 अगस्त, रविवार (एकम) से प्रारंभ होगा। इस दिन चंद्र दर्शन के अवसर पर श्री बाबा रामदेव जी का जन्मोत्सव, महाआरती और भजन संध्या का आयोजन होगा।
दिनवार कार्यक्रम
25 अगस्त (दूज) – सुबह बाबा का अभिषेक एवं आरती होगी। रात्रि में सुप्रसिद्ध भक्ति गायक अमन सोनी भजनों की प्रस्तुति देंगे।
26 अगस्त – बाबा महिला मंडल द्वारा भक्ति संध्या।
27 अगस्त – बच्चों का फैंसी ड्रेस शो, समूह नृत्य एवं भजन कार्यक्रम।
28 अगस्त – श्री बाबा रामदेव मंदिर की अखंड फेरी निकाली जाएगी।
29 अगस्त – भव्य भक्ति भजन संध्या का आयोजन जैन मंडल मुंगेली द्वारा किया जाएगा।
30 अगस्त – संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन।
31 अगस्त – रायपुर के सुप्रसिद्ध गायक प्रसन्न चोपड़ा भजनों की प्रस्तुति देंगे।
1 सितंबर – सुबह प्रभात फेरी, शाम को बाबा को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। रात्रि में आनंद मेला का आयोजन होगा।
2 सितंबर (भादो सुदी दशमी) – सुबह ध्वजारोहण और आरती के बाद भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी, जो पुनः मंदिर परिसर में लौटकर समाप्त होगी। इसके पश्चात प्रसादी एवं भंडारा का आयोजन होगा। शाम को महाआरती एवं भक्ति भजन संध्या में राजनांदगांव के लोकप्रिय भजन गायक राहुल शर्मा एवं अभिषेक तंवर अपनी प्रस्तुति देंगे।
समिति की तैयारी
भादो मेले को सफल बनाने के लिए समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आयोजन समिति का मार्गदर्शन दुर्गालाल गोयल,प्रेमचंद लुनिया और जगदीश पारख कर रहे हैं। समिति में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे सदस्य हैं – दिनेश गोयल,गिरीश सुथार,अमन सोनी,विनोद शर्मा,तुषार खत्री,सुनील जोशी,ललित शर्मा,जालम सिंह,राजपुरोहित,यशपाल जोशी,देवेश शर्मा,हरीश सोनी,राकेश जोशी,लोकेश गोयल,अमित तिवर,धीरज सोलंकी,प्रदीप सोलंकी,संदीप लूनिया,श्रेणीक पारख,नंदकिशोर सोलंकी,सुमित तिवर,स्वरूप सोनी,मोहित सोलंकी,राजू सोनी,रमेश सोलंकी,श्रेयांश बेद एवं बाबा महिला मंडल।
उमंग और श्रद्धा का संगम
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह भादो मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। इसमें नगर के हजारों श्रद्धालु और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।



