मुंगेली/छत्तीसगढ़ में हाल ही में की गई बिजली दरों में वृद्धि और नए लगाए गए स्मार्ट मीटरों से आम जनता, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ता,भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। जनता पर बढ़ते बिजली बिलों का बोझ देखते हुए आज आम आदमी पार्टी मुंगेली इकाई ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से बिजली दर वृद्धि को वापस लेने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने अपने ज्ञापन में कहा कि छत्तीसगढ़ एक बिजली सरप्लस (अधिशेष) राज्य होने के बावजूद जनता को सस्ती बिजली देने की बजाय लगातार बिजली महंगी की जा रही है,जो जनहित के विपरीत है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली वितरण कंपनियों को घाटा दिखाकर दरें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है,जबकि असल में इन कंपनियों के प्रशासनिक और प्रबंधन खर्च ही बढ़े हुए हैं।
पार्टी प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि राज्य में चार विद्युत कंपनियों की जगह एक ही एकीकृत कंपनी बनाई जाती, तो तीन अतिरिक्त कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन तथा प्रशासनिक खर्चों में भारी बचत होती। लेकिन सरकार इन कंपनियों के खर्चों में कटौती करने की बजाय उसका भार आम जनता की जेब पर डाल रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिल अचानक बहुत अधिक आने लगे हैं,जिससे गरीब तबके और किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार बिजली दरों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस ले और जनता को राहत प्रदान करे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मनोज अनंत (जिला अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी मुंगेली) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। उनके साथ
हरीश कुमार सेवा (लोकसभा उपाध्यक्ष,मुंगेली जिला),
रितेश मिश्रा (शहर अध्यक्ष, मुंगेली),
लोकेश्वर महिलांगे (सर्कल अध्यक्ष,सेतगंगा)
तथा पार्टी के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस नहीं लिया,तो पार्टी आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जन आंदोलन करने को बाध्य होगी।




