मुंगेली/राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत शालाओं का सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) प्रारंभ किया गया है। यह अंकेक्षण राज्य के सभी 58,000 शालाओं में एक साथ किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले में भी यह कार्य जिला परियोजना अधिकारी एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार तेजी से किया जा रहा है।
बुधवार को मुंगेली के सभी विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य संपन्न हुआ। इस दौरान शासकीय प्राथमिक शाला नुनियाकछार का भी टीम द्वारा आकलन किया गया।

इस विद्यालय की सोशल ऑडिट टीम लीडर पुष्पा देवी साहू एवं राजू सिंह मार्को के साथ शैक्षिक समन्वयक नेमीचंद भास्कर ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए विद्यालयों की रैंकिंग तय करना है। उन्होंने कहा कि समुदाय विद्यालयों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
टीम ने बताया कि बच्चों की उपलब्धि में सुधार के साथ-साथ स्कूलों का कायाकल्प (Transformation) भी इस अभियान का अहम हिस्सा है। विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंकेक्षण के दौरान विद्यार्थियों का 20 प्रश्नों पर विभिन्न आयामों से आकलन किया गया। शिक्षक दुर्गेश देवांगन ने कहा कि यह अंकेक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा की वास्तविक स्थिति जानने और उसे सुधारने का सुनहरा अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह सामाजिक अंकेक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है,बल्कि यह समुदाय को भी विद्यालयों की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है।
इस दौरान शाला ग्राम सरपंच विनय कुमार बंजारे,शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष महेंद्र निषाद,पंच प्रतिनिधि बिहारी यादव,प्रेम डाहिरे, वरिष्ठ बुजुर्ग एवं भूतपूर्व सैनिक ईश्वर सिंह ठाकुर,महिला स्व-सहायता समूह सदस्य,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,पालकगण, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मुंगेली सहित पूरे प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में ठोस सुधार हो और प्रत्येक बच्चा बेहतर वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।



