रायपुर/मुंगेली। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ ने जानकारी दी है कि राज्य की विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित, संविदा एवं बाह्य स्रोत कर्मचारियों तथा अधिकारियों के लिए दिवाली से पहले खुशखबरी आई है। कंपनी प्रबंधन ने सभी श्रेणी के कर्मचारियों को दिवाली पूर्व बोनस / अनुग्रह राशि देने का आदेश जारी किया है।
महासंघ के अनुसार, विगत दिनों संगठन द्वारा कंपनी प्रबंधन को पत्राचार कर दीपावली के पूर्व बोनस / अनुग्रह राशि तथा जुलाई से बढ़ी हुई 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू करने की मांग की गई थी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय सचिवों ने भी ठेका कर्मचारियों को बोनस भुगतान करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के कार्यपालक निदेशकों को पत्र भेजे थे।

इसी क्रम में महासंघ के 9 अक्टूबर के विशाल आमसभा और धरना प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन ने उसी दिन यानी 9 अक्टूबर को ही आदेश जारी करते हुए विद्युत कंपनी में कार्यरत नियमित, संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों को 12 हजार रुपए का बोनस देने की घोषणा की। वहीं, बाह्य स्रोत (आउटसोर्स) कर्मचारियों के लिए उनके नियोक्ता ठेकेदारों को बोनस देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा घोषित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता वृद्धि को भी राज्य के नियमित विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लागू कर दिया गया है। इससे अब महंगाई भत्ता बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।
इन मांगो को लेकर जारी रहेगा आंदोलन
महासंघ के नेतृत्व में 9 अक्टूबर को पावर कंपनी मुख्यालय के सामने विशाल आमसभा एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसके बाद 10 अक्टूबर से लगातार मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना जारी है।
महासंघ ने कंपनी प्रबंधन से अपनी अन्य लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की भी मांग की है। इन मांगों में पुरानी पेंशन बहाली,संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण,तकनीकी भत्ता लागू करने और कनिष्ठ अभियंताओं के प्रमोशन कोटा को पुनः 70 प्रतिशत करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
महासंघ ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सभी ज्वलंत मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता,तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बहरहाल छत्तीसगढ़ के बिजली कर्मियों के लिए यह निर्णय दीपावली से पहले राहत और खुशी लेकर आया है,जिससे कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है।



