मुंगेली/मुंगेली जिले के लिए गर्व का अवसर है। जिले की दो शिक्षिकाएं सुधा रानी शर्मा एवं दुर्गा तिवारी को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर को राजभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2024 के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। इस दौरान प्रदेश के 64 शिक्षकों को सम्मानित किया गया,जिनके नामों की घोषणा शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की।

सुधा रानी शर्मा का उल्लेखनीय योगदान
जिले के शासकीय प्राथमिक शाला करही की शिक्षिका सुधा रानी शर्मा को उनके शैक्षिक, समाज सेवा और लेखन के क्षेत्र में किए गए विशेष योगदान के लिए चयनित किया गया।
बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने हेतु उन्होंने निरंतर प्रयास किए।
पुतली कला (पपेट आर्ट) के माध्यम से विद्यार्थियों को मनोरंजक ढंग से विषयों की जानकारी देना उनकी खास पहचान है।
स्कूल का वातावरण रोचक एवं प्रेरणादायी बनाने के साथ उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास और लगाव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन एवं विषय आधारित प्रशिक्षण में भी उन्होंने सक्रिय भागीदारी की।
अपने अभिनव शैक्षिक कार्यों और समर्पण के चलते उन्हें पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें मुंगेली गौरव सम्मान, उत्कृष्ट शिक्षक,आदर्श शिक्षक नवाचारी शिक्षक,मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण और शिक्षादूत सम्मान शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि पठन-पाठन के प्रति उनकी गहरी लगन के चलते उन्होंने पिछले 17 वर्षों से एक भी अवकाश नहीं लिया है।
दुर्गा तिवारी का सम्मान
जिले की दूसरी शिक्षिका दुर्गा तिवारी को भी उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान और समाज सेवा के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही हैं।
सम्मानित शिक्षकों को बधाई
समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और उनके योगदान से ही बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनता है।
यह सम्मान न केवल सुधा रानी शर्मा और दुर्गा तिवारी के लिए गौरव की बात के साथ ही पूरे मुंगेली जिले के लिए गर्व का विषय है।



