मुंगेली/जिले का पंजीयक विभाग,जो हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार को देता है,इन दिनों अपनी लापरवाह कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में है। अधिकारियों की उदासीनता और तकनीकी व्यवस्थाओं की अनदेखी के कारण पिछले कई दिनों से रजिस्ट्री कार्य ठप पड़ा है,जिससे आम जनता परेशान हो रही है।
सूत्रों के अनुसार,विभाग का सर्वर पिछले 15 दिनों से बार-बार डाउन हो रहा है,जिसकी वजह से रजिस्ट्री समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। कई पक्षकार अपनी जमीन-जायदाद और संपत्ति के दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं,लेकिन उन्हें केवल इंतज़ार और निराशा हाथ लग रही है।समस्या यहीं खत्म नहीं होती। विभाग में बिजली गुल होने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी मौजूद नहीं है। जनरेटर या इन्वर्टर की सुविधा न होने से काम पूरी तरह ठप हो जाता है। ऐसे में जो लोग दूर-दराज़ गांवों से रजिस्ट्री कराने आते हैं,उन्हें बार-बार लौटना पड़ता है।पक्षकारों का कहना है कि जब करोड़ों का राजस्व इसी विभाग से आता है तो कम से कम बुनियादी सुविधाएँ—जैसे कि सर्वर का मेंटेनेंस,बिजली बंद होने पर इन्वर्टर और स्टाफ की सक्रियता—तो सुनिश्चित की जानी चाहिए। “समय पर रजिस्ट्री न होने से न केवल आमजन परेशान हैं,बल्कि कई महत्वपूर्ण लेन-देन और बैंकिंग प्रक्रियाएँ भी अटक रही हैं,”।इस मामले में स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विभाग की लापरवाही इसी तरह जारी रही तो लोगों का भरोसा सरकारी तंत्र से उठ जाएगा और राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हैं या फिर जनता की परेशानी इसी तरह बढ़ती रहेगी।




