मुंगेली/असत्य पर सत्य,अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर नगर के विश्वसनीय एवं भरोसेमंद शिवी कंसल्टेंसी एवं लोन सलाहकार के संचालक विनायक तिवारी ने जिले,नगर एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पावन पर्व को भारतीय संस्कृति,धार्मिक आस्था,नैतिक मूल्यों और सत्य की शक्ति का प्रतीक बताते हुए सभी के जीवन में सुख,शांति,समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
विनायक तिवारी ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना, उपासना और भक्ति के पश्चात आने वाला विजयादशमी का पर्व हमें सत्य,धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं,बल्कि जीवन में सकारात्मकता अपनाने,बुराइयों का त्याग करने और सदैव सत्य का साथ देने का संदेश भी देता है।
उन्होंने कहाकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी। वहीं,मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार भी शक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि विजयादशमी का पर्व देशभर में श्रद्धा,उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
विनायक तिवारी ने कहाकि बुराई की उम्र चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो,अंततःउसे अच्छाई के सामने झुकना ही पड़ता है। असत्य और अन्याय कुछ समय के लिए प्रभावशाली दिखाई दे सकते हैं,लेकिन सत्य,सदाचार और धर्म की शक्ति अंत में विजय प्राप्त करती है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा,कर्तव्यनिष्ठा,त्याग,धैर्य और आदर्श आचरण की सीख देता है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही हम अपने परिवार,समाज और राष्ट्र को बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दशहरा हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार,क्रोध,ईर्ष्या,लोभ और द्वेष जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर भी प्रदान करता है। रावण दहन का वास्तविक उद्देश्य केवल पुतले का दहन करना नहीं,बल्कि अपने भीतर की नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त कर सद्भाव,प्रेम,भाईचारे और मानवता को बढ़ावा देना है।
विनायक तिवारी ने जिले एवं नगरवासियों से अपील की कि वे विजयादशमी के इस पावन अवसर पर आपसी प्रेम,सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत बनाने का संकल्प लें। समाज में सकारात्मक विचारों को बढ़ावा दें तथा सत्य,ईमानदारी और नैतिकता के मार्ग पर चलते हुए एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
उन्होंने मां दुर्गा और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा कि विजयादशमी का यह पावन पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा,नई उमंग और नई खुशियां लेकर आए। प्रत्येक परिवार सुखी एवं समृद्ध रहे तथा जिले,नगर और पूरे प्रदेश में शांति,सद्भाव और खुशहाली बनी रहे। उन्होंने एक बार फिर सभी प्रदेशवासियों को विजयादशमी एवं दशहरा पर्व की हार्दिक बधाई और मंगलमय शुभकामनाएं दीं।



