मुंगेली/प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति की बैठक बीते 18 सितंबर को संपन्न हुई,जिसमें कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए विभिन्न कारणों से कांग्रेस से निष्कासित किए गए कार्यकर्ताओं के निष्कासन को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी किया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू के हस्ताक्षर से जारी सूची में मुंगेली नगर पालिका के पार्षद विनय चोपड़ा का नाम भी शामिल है। इस आदेश के साथ ही विनय चोपड़ा की कांग्रेस में पुनः वापसी हो गई है।

विनय चोपड़ा लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान रही है। नगर की स्थानीय राजनीति में भी वे लगातार सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। वहीं सत्तापक्ष की नीतियों एवं कार्यप्रणाली को लेकर भी वे मुखर होकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं।
कांग्रेस में उनके निष्कासन के बाद अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा निष्कासन रद्द किए जाने से उनके समर्थकों एवं शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि विनय चोपड़ा की संगठन में वापसी से स्थानीय स्तर पर कांग्रेस को मजबूती मिलेगी तथा वे पहले की तरह जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इधर,कांग्रेस में पुनः वापसी के बाद विनय चोपड़ा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा कायम रही है और आगे भी वे पार्टी के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
विनय चोपड़ा ने अपनी कांग्रेस में वापसी के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेन्द्र शर्मा,जिला संगठन प्रभारी आलोक सिंग,नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला एवं मकबूल खान के द्वारा किए गए प्रयासों के लिए उन सभी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन और वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन उनके लिए महत्वपूर्ण है तथा वे आगे भी कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए सक्रिय रहेंगे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इस निर्णय के बाद मुंगेली की स्थानीय राजनीति में भी विनय चोपड़ा की कांग्रेस में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों एवं शुभचिंतकों द्वारा इसे संगठन में उनकी “घर वापसी” के रूप में देखा जा रहा है।



