मुंगेली/शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेमरी में बसंत पंचमी का पावन पर्व भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप श्रद्धा,भक्ति और उल्लास के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ जिसमें विद्यालय परिवार एवं छात्र-छात्राएँ श्रद्धाभाव से सहभागी बने।
इस पावन अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना,प्रेरक भाषण,भावपूर्ण कविताएँ एवं मधुर गीतों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और ज्ञानमय चेतना से आलोकित कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं,बल्कि संस्कार और संस्कृति का भी संवाहक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान पाठक उमेश पांडेय ने बसंत पंचमी के सांस्कृतिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, नवचेतना और सकारात्मक सोच का प्रतीक है,जो विद्यार्थियों के जीवन में नई दिशा और ऊर्जा का संचार करता है।
वहीं शिक्षक आशीष सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ सरस्वती केवल विद्या की देवी ही नहीं,बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सही मार्ग दिखाने वाली सच्ची पथप्रदर्शक हैं।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन शिक्षक प्रेमदास वैष्णव द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन शिक्षिका श्रीमती शालिनी साहू ने किया।
बसंत पंचमी का यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों में श्रद्धा,अनुशासन और संस्कारों का बीजारोपण करने वाला सिद्ध हुआ बल्कि पर्यावरण,संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति उनके संवेदनशील दृष्टिकोण को भी सुदृढ़ करता नजर आया।
इस गरिमामयी आयोजन में प्रधान पाठक उमेश पांडेय,शिक्षक रामपाल सिंह,प्रेमदास वैष्णव,आशीष सिंह,शिक्षिका लता बंजारा,शालिनी साहू एवं समस्त छात्र-छात्राएँ की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।




