मुंगेली/शहर की पहचान और खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र शाहिद धनंजय सिंह राजपूत बी.आर. साव खेल मैदान आज अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार होता जा रहा है। अंबेडकर वार्ड स्थित इस मैदान में लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है,लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकांश आयोजन नगर पालिका परिषद और वार्ड पार्षद की अनुमति के बिना ही किए जाते हैं।
आयोजन संपन्न होने के बाद कार्यक्रमकर्ताओं द्वारा साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की जाती। नाश्ता प्लेट,डिस्पोज़ल,पानी की बोतलें,पॉलीथिन सहित अन्य कूड़ा-कचरा कई दिनों तक मैदान में पड़ा रहता है। इसके कारण न केवल मैदान की सुंदरता प्रभावित हो रही है,बल्कि नगर पालिका परिषद को भी लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है।
हवा चलने पर यह कचरा मैदान से सटी शिक्षक नगर कॉलोनी और हरेश्वर महादेव मंदिर परिसर तक पहुँच जाता है। मंदिर प्रांगण में कचरे के ढेर लगने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच रही है,वहीं कॉलोनीवासियों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में अंबेडकर वार्ड की पार्षद एवं अपील समिति सदस्य विजयलक्ष्मी शुक्ला तथा पार्षद प्रतिनिधि आयुष शुक्ला ने बताया कि बी.आर. साव खेल मैदान शहर की एक महत्वपूर्ण धरोहर है। यहां बिना अनुमति के कई आयोजन किए जाते हैं और आयोजन के बाद आयोजकों द्वारा लापरवाही बरतते हुए गंदगी को जस का तस छोड़ दिया जाता है,जिससे मैदान में अत्यधिक गंदगी फैल जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि मैदान में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण रात के समय यह स्थान नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व मैदान का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे आसपास के रहवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता है।

पार्षद प्रतिनिधि आयुष शुक्ला ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौंपकर मांग की है कि शहर के बीचों-बीच स्थित इस एकमात्र खेल मैदान की गरिमा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जनहित के बड़े आयोजनों को छोड़कर छोटे-मोटे कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह ऐतिहासिक खेल मैदान अपनी पहचान और उपयोगिता खो सकता है। अब सभी की निगाहें नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




