मुंगेली/जहां एक ओर पूरा देश और प्रदेश नए साल के जश्न में डूबा हुआ है, वहीं मुंगेली नगर में गौ वंशों के लिए मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर गौ सेवा धाम से जुड़े गौ सेवकों ने 1 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह भूख हड़ताल नगर के स्वर्ण जयंती स्तंभ,पुराना बस स्टैंड परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से की जा रही है।
गौ सेवकों का कहना है कि नगर एवं जिले में घायल,बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौ वंशों के लिए आज भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में गौ वंश घायल हो जाते हैं या बीमार अवस्था में तड़पते रहते हैं,लेकिन इलाज के अभाव में उनकी मौत हो जाती है। गौ सेवकों की प्रमुख मांग है कि घायल एवं बीमार गौ वंशों के लिए सर्वसुविधायुक्त पशु चिकित्सालय की स्थापना की जाए,दुर्घटनाग्रस्त एवं गंभीर रूप से बीमार गौ वंशों के लिए विशेष रेस्क्यू वाहन उपलब्ध कराया जाए,तथा नगर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौशाला का निर्माण किया जाए।

भूख हड़ताल पर बैठे नवयुवकों का कहना है कि शासन-प्रशासन विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करता है, लेकिन जिस गौ माता को समाज में पूजनीय और माता का दर्जा दिया गया है, उसके संरक्षण और उपचार के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जाती। यही कारण है कि रोज कई गौ वंश इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं,जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन स्थिति को दर्शाता है।
गौ सेवकों ने बताया कि इन सभी मांगों को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन को शासन के नाम से ज्ञापन सौंपा गया था और पर्याप्त समय भी दिया गया था,लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की उदासीनता से आहत होकर गौ सेवकों को गौ माता के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए भूख हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
गौ सेवकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। यह आंदोलन न केवल गौ वंशों के अधिकारों की लड़ाई है बल्कि समाज और शासन-प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों का भी आईना दिखाने का प्रयास है।
इस अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में मनीष वैष्णव,अजय सिंह राजपूत,शिवम यादव,करन निर्मलकर,राकेश साहू,इंद्रजीत कुर्रे,अभय ठाकुर,पीयूष साहू और डेरहू साहू सहित अन्य गौ सेवक उपस्थित रहे और आंदोलन में अपनी सहभागिता निभा रहे है



