मुंगेली/छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती सत्र 2023–24 को लेकर एक बार फिर गड़बड़ी और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मुंगेली जिले के बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शारीरिक परीक्षा में व्यापक धांधली का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की CBI अथवा न्यायिक जांच की मांग की है। इस संबंध में अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपा है,जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन में बताया कि आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा 16 नवंबर 2024 से 21 जनवरी 2025 के बीच प्रदेश के 9 परीक्षा केंद्रों—रायपुर,बिलासपुर,दुर्ग,राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में आयोजित की गई थी। आरोप है कि पहले चरण की परीक्षा में गड़बड़ियां उजागर होने के बाद उसे निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराई गई,लेकिन दूसरी बार भी हालात नहीं बदले और अनियमितताएं पहले से अधिक गंभीर रहीं।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कई परीक्षा केंद्रों पर CCTV फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ की गई। कुछ अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के अंक घटाए-बढ़ाए गए वहीं मेरिट सूची में भी मनमाने बदलाव किए जाने की शिकायत की गई है। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रभावशाली लोगों और रसूखदारों के बच्चों को जानबूझकर लाभ पहुंचाया गया,जबकि मेहनत करने वाले योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 3000 से अधिक युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

आवेदन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों,CCTV फुटेज,वीडियो रिकॉर्डिंग और मेरिट सूची की गहन जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बहाल हो।
फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रारंभिक जांच की संभावना जताई जा रही है। अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह अभ्यर्थियों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है।




