मुंगेली/मुंगेली–कवर्धा मुख्य मार्ग से बांकी गांव को जोड़ने वाली लगभग ढाई किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत करीब 67 लाख 51 हजार रुपये की लागत से बनी यह सड़क निर्माण पूरा होने के महज 17 दिनों के भीतर ही उखड़ने लगी,जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से टूट चुकी है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। नई सड़क की यह बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क से उन्हें वर्षों तक राहत मिलने की उम्मीद थी वही अब हादसों को न्योता दे रही है।
रात के अंधेरे में कराया गया डामरीकरण
बांकी गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान ही उन्होंने घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी,लेकिन ठेकेदार ने उनकी एक न सुनी। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध और निगरानी से बचने के लिए ठेकेदार ने रात के समय तेजी से डामरीकरण का काम पूरा कर लिया। अब जब सड़क की परत उखड़ रही है तो ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
भाजपा नेता ने उठाए गंभीर सवाल
इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता शिवप्रताप सिंह ने सड़क निर्माण को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि बांकी गांव के करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण भाजपा समर्थक हैं,इसके बावजूद अगर उनके गांव की सड़क का यह हाल है,तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत और कमीशनखोरी के कारण सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सिंह ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की चेतावनी:सड़क नहीं बनी तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और भ्रष्टाचार की जांच नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि करोड़ों की योजनाओं का लाभ अगर इसी तरह कागजों में सिमटता रहा, तो ग्रामीण सड़कों की हालत कभी नहीं सुधरेगी।
फिलहाल,पखवाड़े भर में उखड़ चुकी यह सड़क पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और PMGSY जैसी महत्वाकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार के प्रत्यक्ष प्रमाण के रूप में देखी जा रही



