मुंगेली/लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा नजदीक आते ही पूरे मुंगेली शहर में भक्ति और तैयारियों का माहौल देखने को मिल रहा है। आस्था के इस चार दिवसीय पर्व को लेकर नगर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सुबह से ही प्रशासनिक और नगरपालिका टीमें नदी तटों पर मोर्चा संभाले हुए हैं।

घाटों पर साफ-सफाई और व्यवस्था जोरों पर
शुक्रवार की सुबह से ही नगर पालिका और संबंधित विभागों के कर्मचारी आगर नदी किनारे जुटे रहे। सफाई कर्मियों ने घाटों पर जमा कचरा हटाया और जलस्तर की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लाइटिंग,बैरिकेडिंग और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना कर सकें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया स्थल का जायजा
छठ पूजा की तैयारियों की समीक्षा हेतु एसडीएम अजय शतरंज और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) होरी सिंह स्वयं आगर नदी स्थित प्रमुख छठ घाट पहुंचे। उन्होंने घाटों की सफाई,लाइटिंग,सुरक्षा और बैरिकेडिंग की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने छठ पूजा समिति के सदस्यों से चर्चा की और सभी तैयारियों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

एसडीएम अजय शतरंज ने कहा —
“छठ पर्व श्रद्धा और अनुशासन का प्रतीक है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यही है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि पर्व शांति और भव्यता से संपन्न हो।”
चार दिनों तक छठी मइया की आराधना
छठ पर्व सूर्य उपासना का महापर्व है, जिसमें श्रद्धालु सूर्य देव और छठी मइया की पूजा करते हैं। मुंगेली सहित पूरे प्रदेश में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
पर्व की तिथियाँ इस प्रकार हैं —
25 अक्टूबर (शुक्रवार) – नहाय-खाय
26 अक्टूबर (शनिवार) – खरना
27 अक्टूबर (रविवार) – संध्या अर्घ्य
28 अक्टूबर (सोमवार) – प्रातः अर्घ्य और पर्व समापन
इन चार दिनों तक व्रती महिलाएँ सूर्यदेव से परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करेंगी।

सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
नगर पालिका द्वारा छठ घाटों पर अतिरिक्त लाइटिंग,पेयजल व्यवस्था,बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहेगा ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आस्था और भक्ति से गूंजेगा मुंगेली
छठ पर्व के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु नदी तटों पर एकत्र होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करेंगे। पूरा शहर आस्था,भक्ति और उल्लास से सराबोर रहेगा। प्रशासन,नगर पालिका और पूजा समितियाँ मिलकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं ताकि यह पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य रूप में सम्पन्न हो सके।



