मुंगेली। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली के अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इस बीच कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच एक ही नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है — वरिष्ठ कांग्रेस नेता आत्मा सिंह क्षत्रिय।
कार्यकर्ताओं और वरिष्ठों का कहना है कि आत्मा सिंह क्षत्रिय संगठन के प्रति समर्पित, अनुभवी और सभी वर्गों से जुड़े हुए नेता हैं, जिनके नेतृत्व में कांग्रेस को नई दिशा और ऊर्जा मिल सकती है।
आत्मा सिंह क्षत्रिय का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक समय से सक्रिय रहा है। उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने 1984 में एस.एन.जी. महाविद्यालय मुंगेली के निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की पत्रिका समिति के सचिव (1986), छात्र नागरिक संघर्ष समिति मुंगेली के सचिव (1987), और युवा कांग्रेस मुंगेली ग्रामीण अध्यक्ष (1993) के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके बाद वे शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष (1995), प्रांतीय उपाध्यक्ष भारतीय किसान कांग्रेस (1996), सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भोपाल (1998), विधायक प्रतिनिधि मुंगेली विधानसभा (2003–2008), जिलाध्यक्ष झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ (2013), उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली (2013), प्रभारी लोरमी विधानसभा (2014), और प्रदेश उपाध्यक्ष जन समस्या निवारण प्रकोष्ठ (2016) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
उन्होंने अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी (2018 मार्च–2020 मार्च) के रूप में संगठन का सफल नेतृत्व किया और AICC समन्वयक के रूप में उत्तर प्रदेश एवं असम के विधानसभा और पंचायत चुनावों की जिम्मेदारी निभाई।
स्थानीय स्तर पर वे कृषि उपज मंडी समिति मुंगेली के अध्यक्ष (2021–2023) और ठक्कर बाबा शिक्षण समिति के अध्यक्ष (2001 से आज तक) हैं।
आत्मा सिंह क्षत्रिय का मानना है कि कांग्रेस संगठन को और सशक्त बनाना, कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और जनता की आवाज़ को कांग्रेस के मंच से बुलंद करना ही उनका उद्देश्य है।
वे कहते हैं — “कांग्रेस मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। संगठन के हर स्तर पर एकजुटता और सम्मान का वातावरण बनाना मेरी प्राथमिकता है।”
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि आत्मा सिंह क्षत्रिय की साफ छवि, जनसंपर्क और संगठनात्मक दक्षता उन्हें इस पद के लिए सबसे योग्य बनाती है।
उनके नेतृत्व में कांग्रेस को नई ऊर्जा, एकता और मजबूती मिलने की उम्मीद कार्यकर्ताओं और वरिष्ठों के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।



