मुंगेली/जिला मुंगेली में इस वर्ष की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 13 सितम्बर 2025 को जिला न्यायालय,तहसील न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों में किया गया। इस अवसर पर कुल 20,029 प्रकरण प्रस्तुत किए गए,जिनमें से 16,099 प्रकरणों का निराकरण आपसी समझाइश और राजीनामे के आधार पर किया गया। इन मामलों में कुल ₹1,10,87,852 (एक करोड़ दस लाख सतासी हजार आठ सौ बावन रुपये) की अवार्ड राशि पारित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे जिला न्यायालय मुंगेली में जिला न्यायाधीश श्रीमति गिरिजा देवी मेरावी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विशेष रूप से एक वृद्ध दंपति, जो अपने आपसी विवाद के निपटारे हेतु उपस्थित हुए थे, उनके हाथों से भी दीप प्रज्ज्वलित कराया गया। इस पहल ने उपस्थित पक्षकारों को आपसी सामंजस्य और सौहार्द्रपूर्ण जीवन का संदेश दिया।

न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोक अदालत में उपस्थित पक्षकारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमति कंचन लता आचला ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में नेशनल लोक अदालत के लिए कुल 14 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिनमें न्यायिक स्तर पर 06 और राजस्व स्तर पर 08 खंडपीठ शामिल रहीं। सभी खंडपीठों ने सक्रिय भूमिका निभाई और बड़ी संख्या में लम्बित मामलों को समाप्त कर न्याय दिलाया।

लोक अदालत में इन मामलों का हुआ निपटारा
लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि 12 वर्ष से विवादित एक वैवाहिक मामला आपसी समझाइश से समाप्त हुआ। पत्नी ने अपने पति पर मारपीट और प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था,जो 13 सितम्बर को न्यायाधीश और अधिवक्ताओं की समझाइश से कुटुम्ब न्यायालय में समाप्त हो गया।
इसी प्रकार,भाई-बहन के बीच गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी से जुड़ा एक मामला,जो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुंगेली की अदालत में दो वर्षों से लंबित था,आपसी सहमति से लोक अदालत में निपट गया।
इसके अलावा,बारात में डीजे बाजा और नाचने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा मारपीट और गाली-गलौच का मामला, जो वर्ष 2022 से लंबित था,अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों की समझाइश से आपसी राजीनामे के जरिए समाप्त किया गया।
मुंगेली का यह तृतीय नेशनल लोक अदालत न केवल लंबित मामलों के निपटारे में मील का पत्थर साबित हुआ,बल्कि आपसी विवादों को सुलझाने में सामाजिक सौहार्द्र और मेल-जोल का भी संदेश लेकर आई। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि संवाद और समझाइश से बड़े से बड़ा विवाद भी सुलझाया जा सकता है।
इस दौरान टीकम चंद्राकर( ladc chief)रजनीकांत ठाकुर ( लोक अभियोजक),स्वतंत्र तिवारी,द्रौपदी कश्यप,हरप्रीत कौर एवं अधिवक्तागण सहित न्यायालय के कर्मचारी उपस्थित रहे



